जब जब नसीब रूठा बदल ग़मों के छाए लिरिक्स - राज पारीक | Jab Jab Naseeb Rutha Lyrics - Raj Pareek

पीछे जाएँ ॥ जय श्री राम ॥

Jab Jab Naseeb Rutha Badal Ghamon Ke Chaye Mujhe Tum Yaad Aaye Lyrics Raj Pareek Hindi

जब जब नसीब रूठा बदल ग़मों के छाए लिरिक्स

 जब जब नसीब रूठा बदल ग़मों के छाए | मुझे तुम याद आये | | ऐसे में दुःख का साथी जब एक भी न पाए | मुझे तुम याद आये || 1. सारे जहाँ का मालिक परवरदिगार तू है | इस मतलबी जहाँ के यारों का यार तू है | ओ श्याम ..... मेरी बेबसी के ऊपर जब लोग मुस्कुराये | मुझे तुम याद आये || 2. सुख नहीं थी चिंता दुःख में ही जी रहा था | आंसू मिले जो मुझको हंस हंस के पी रहा था | जब सुख के यार सारे दुःख में हुए पराये | मुझे तुम याद आये || 3. तेरी रहमतों पे मुझको बड़ा नाज़ श्याम बाबा | तूने मुश्किलों में राखी, मेरी लाज श्याम बाबा | ओ श्याम...... गजय सिंह के भजन जब इस दास ने सुनाये | मुझे तुम याद आये || विशेष:- 'गजय सिंह' जी की अद्भुत विरासत: भजन के आखिरी अंतरे में आया नाम "गजय सिंह" (ओ श्याम... गजय सिंह के भजन जब इस दास ने सुनाये) श्याम जगत के इतिहास की एक बहुत बड़ी और आदरणीय हस्ती को दर्शाता है। पूज्य गजय सिंह जी महाराज खाटू श्याम बाबा के उन परम शुरुआती भक्तों और महान लेखकों में से हैं, जिनके लिखे भजनों को सुनकर आज की पीढ़ी के बड़े-बड़े गायक (जैसे कन्हैया मित्तल जी, राज पारीक जी) पले-बढ़े हैं। राज पारीक जी ने इस नए भजन के माध्यम से गजय सिंह जी की उसी पुरानी भावपूर्ण विरासत को एक नया और आधुनिक रूप दिया है। मतलबी संसार और 'लाचारी की यारी' का मनोविज्ञान: इस भजन का मुख्य केंद्र बिंदु भक्त की बेबसी है— "मेरी बेबसी के ऊपर जब लोग मुस्कुराये, मुझे तुम याद आये।" ब्रज और श्याम संकीर्तन परंपरा में माना जाता है कि जब तक इंसान संसार के आश्रयों (सुख के यार) पर भरोसा रखता है, तब तक श्याम बहादुर दूर रहते हैं। लेकिन जैसे ही नसीब रूठता है और इंसान एकांत में रोता है, वैसे ही बाबा श्याम 'दुःख के साथी' बनकर तुरंत प्रकट होते हैं।
      ॥ इति ॥

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