अब न छुपाउंगी सबको बताउंगी राधा रमन मेरा यार लिरिक्स - पूर्णिमा दीदी | Ab Na Chupaungi Sabko Bataungi Lyrics
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॥ जय श्री राम ॥
अब न छुपाउंगी सबको बताउंगी,
तुझको कसम से में अपना बनाउंगी
राधा रमन मेरा यार
ओये मेरा दिल तेरा आशिक़ |
शेर :- इशारों में न कहेंगे न पुकारो में कहेंगे हमने तुम्हे चाहा है हज़ारों में कहेंगे |
अब न छुपाउंगी .................................||
तेरे सिवा कोई दूसरा नहीं मेरा, छोड़ूगा न कस के पकड़ा है दमन तेरा
तू ही मक्का तू ही कशी तू ही मदीना है |
तेरी गलियों का हु आशिक़ तू एक नगीना है ||
किसी के कान में हीरा किसी के नाक में हीरा
हमें हीरों से मतलब क्या हमारा श्याम है हीरा ||
तेरी गलियों का हु आशिक़ ..................||
चाहे दोजत में चाहे जन्नत में पंहुचा दो मुझको,
चाहे डुबो दो चाहे पार लगा दो मुझको,
तू ही दरिया तू ही साहिल तू ही सफीना है |
तेरी गलियों का हु ........................||
राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा राधा |
कैसे न इठलाऊ में बरसाना मिला है |...........|
विशेष:- ब्रज संकीर्तन की प्रख्यात साध्वी पूज्य पूर्णिमा दीदी (Purnima Didi) के श्रीमुख से गाया गया यह भजन 'अब न छुपाउंगी सबको बताउंगी, राधा रमन मेरा यार' गोपी-भाव और अनन्य प्रेम की पराकाष्ठा है। इस भजन में भक्त समाज या दुनिया के डर को छोड़कर सरेआम अपने आराध्य श्री राधा रमण लाल और बरसाने की श्री लाड़ली जी के प्रति अपने प्रेम का शंखनाद करता है। शेर की पंक्तियाँ "हमने तुम्हें चाहा है हज़ारों में कहेंगे" आत्मा की परमात्मा के प्रति निश्छल पुकार को दर्शाती हैं। भजन के बीच में ब्रज की पारंपरिक सूक्तियों जैसे "हमारा श्याम है हीरा" और "कैसे न इठलाऊँ मुझे बरसाना मिला है" का प्रयोग इसे बेहद आनंदमयी और नृत्यमयी बना देता है। पूर्णिमा दीदी की ख़ास सखी-भाव वाली शैली के कारण यह भजन राधा अष्टमी, फाग उत्सव और वृंदावन के हर कुंज-गलियों में भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देता है।
॥ इति ॥
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