हरि नाम की माला जपले लिरिक्स - रवि राज | Hari Naam Ki Mala Japle Lyrics - Ravi Raj (Pal Ki Khabar Nahi)

पीछे जाएँ ॥ जय श्री राम ॥

Hari Naam Ki Mala Japle Pal Ki Khabar Nahi Ravi Raj Bhajan Lyrics Hindi

हरि नाम की माला जपले लिरिक्स

हरी नाम की माला जपले, पल की खबर नहीं | अंतर्घट मन तो मथले , ओ पल की खबर नहीं || नाम बिना ये तेरा जीवन अधूरा है, घाटा सत्संग बिना होता नहीं पूरा है | तेरी बीती उमरिया सारी, पल की खबर नहीं ....२ रिश्तेदार सारे यहाँ मतलब के यार हैं, क्यूँ मुँह लगाना ये तो झूठा संसार है | प्रभु नाम से प्रीत लगा ले, पल की खबर नहीं..... 2 पर उपकार करे जो सच्चा इंसान है, नाम पियाला जिसने पिया वो महान है | उसकी सद्गुरु करें रखवाली, पल की खबर नहीं ..... 2 कितना प्यारा तन ये तेरा प्रभु ने बनाया है, माया धन सुख में तूने नाम को भुलाया है | गुरु शरण आ भूल सुधारी, पल की खबर नहीं .........२ कर्म कांड सारे बिना नाम के बेकार हैं, सेवाव्रत सुमरन प्रभु मिलान के द्वार हैं | हरी नाम को तू अपनाले, पल की खबर नहीं .......... 2 विशेष:- प्रसिद्ध भजन गायक रवि राज (Ravi Raj) जी की मधुर आवाज़ में यह भजन 'हरी नाम की माला जपले' मनुष्य को जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है। इस भजन में बहुत ही गहराई से समझाया गया है कि यह संसार नश्वर है और यहाँ के रिश्ते-नाते मतलब के हैं। कवि कहता है कि 'पर उपकार' ही सच्चा धर्म है और प्रभु का नाम ही इस जीवन का एकमात्र आधार है। रवि राज जी के भजनों की सादगी और उनके द्वारा दी गई 'चेतावनी' भक्तों के मन में वैराग्य और भक्ति का संचार करती है। सत्संग और गुरु शरण की महिमा को दर्शाता यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए है जो मानसिक शांति और जीवन का सही मार्ग खोज रहा है। 
॥ इति ॥

Comments

सबसे ज्यादा पसंद किये गए भजन

आरती कुंजबिहारी की लिरिक्स हिंदी में | Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics in Hindi (Original)