कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में लिरिक्स - संजय मित्तल | Kuch To Hai Sarkar Teri Sarkari Mein Lyrics

पीछे जाएँ ॥ जय श्री राम ॥

Kuch To Hai Sarkar Teri Sarkari Mein Sanware Teri Yaari Mein Lyrics Sanjay Mittal Hindi

कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में लिरिक्स

 कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में, क्या रखा है झूठी दुनियादारी में, कुछ तो है सांवरे तेरी यारी में | 1. दो पहलु संसार के दो रुख वाली रीत, दिन अच्छे तो सब मिले दिन बुरे मिले न मीत साथ तेरा मिले लाचारी में, कुछ तो है सरकार ........| 2. मेने बस गुणगान किया तूने दिया वरदान, दानी तुझसा और नहीं दी अपनी पहचान मिला सब है तेरी दातारि में, कुछ तो है सरकार ......| 3. मौसम सा बदले यहाँ लोगों का व्यव्हार झूठे रिश्ते झूठे नाते झूठा है संसार है भरोसा तेरी रिश्तेदारी में, कुछ तो है सरकार .......| 4. हर दम रहना साथ तू बन निर्मल की ढाल मेरा जो रक्षक है तू जग की क्या है मजाल में रहूं खुश तेरी दरबारी में, कुछ तो है सरकार ........| विशेष:- श्री खाटू श्याम बाबा के परम भक्त और सुप्रसिद्ध गायक श्री संजय मित्तल जी (Sanjay Mittal Ji) की सुरीली आवाज़ में गाया गया यह भजन 'कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में' संसार की अनित्यता और प्रभु की शरणागति का अद्भुत दर्शन कराता है। इस भजन में कवि ने इस मतलबी दुनिया का असली चेहरा दिखाया है, जहाँ "दिन अच्छे तो सब मिले, दिन बुरे मिले न मीत।" जब इंसान हर तरफ से हार जाता है, तब बाबा श्याम की 'लाचारी की यारी' ही उसका संबल बनती है। भजन में लोगों के बदलते व्यवहार की तुलना 'मौसम' से करते हुए ठाकुर जी की 'रिश्तेदारी' को शाश्वत और सच्चा बताया गया है। संजय मित्तल जी के भजनों की यह विशेषता है कि वे सीधे हृदय पर प्रहार करते हैं। यही कारण है कि खाटू धाम के फाल्गुन मेले और ग्यारस के कीर्तनों में यह भजन हर श्याम प्रेमी की ज़ुबान पर रहता है।     ॥ इति ॥

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