क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो श्याम से नाता है लिरिक्स - संजय मित्तल | Kyun Ghabrau Mein Mera To Shyam Se Nata Hai Lyrics
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॥ जय श्री राम ॥
क्यों घबराऊ में मेरा तो श्याम से नाता है
मेरी ये जीवन गाड़ी श्याम चलाता है |
1. जब जब मुझको पड़ती है दरकार, श्याम हमेशा रहता है तैयार
श्याम ने मुझपर किया बहुत उपकार श्याम ही मेरे जीवन का आधार
हरदम ये मुझ पर अपना प्यार लुटाता है| क्यों घबराऊ .......|
2. दुःख के बदल जब जब मंडराते श्याम नाम लेते ही छट जाते
बाल भी बांका वो न कर पाते कभी दोबारा नज़र नहीं आते
संकट आने से पहले श्याम आता है | क्यों घबराऊ ...........|
3. मेरे मन में आता जो भी ख्याल श्याम व्यवस्था करता है तत्काल
हर पल मुझको यही रहा संभाल श्याम कृपा से में हु मालामाल
जिसके लायक ही नहीं में वो मिल जाता है | क्यों घबराऊ .......|
4. श्याम भरोसे में निश्चिंत हु क्यूंकि में तो श्याम पे आश्रित हूँ
श्याम चरण में पूर्ण समर्पित हु इसीलिए में सदा सुरक्षित हु
जी भर के बिन्नू को ये लाड लड़ाता है | क्यों घबराऊ .........|
विशेष:- श्री खाटू श्याम बाबा के अनन्य परम भक्त श्री संजय मित्तल जी (Sanjay Mittal Ji) की भावपूर्ण शैली में सजा यह भजन 'क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो श्याम से नाता है' सांवरे सरकार पर अटूट भरोसे की एक दिव्य कहानी है। इस भजन के माध्यम से एक निश्चिंत भक्त दुनिया को बताता है कि जब उसके जीवन की पतवार स्वयं श्याम बहादुर के हाथों में है, तो उसे किसी भी संकट से डरने की आवश्यकता नहीं है। भजन की पंक्तियाँ "संकट आने से पहले श्याम आता है" और "जिसके लायक ही नहीं मैं वो मिल जाता है" भक्तों के दिलों में खाटू नरेश की असीम दयालुता और उनकी 'तत्काल व्यवस्था' के प्रति विश्वास को और गहरा करती हैं। अंतिम अंतरे में लेखक 'बिन्नू जी' ने खुद को श्याम चरणों में पूर्ण समर्पित कर सदा सुरक्षित रहने का जो भाव प्रकट किया है, वह हर श्याम प्रेमी के दिल की आवाज़ है। यह भजन हर एकादशी कीर्तन और श्याम फाल्गुन मेले का मुख्य आकर्षण रहता है।
॥ इति ॥
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