मेरे घर राम आये हैं लिरिक्स हिंदी | Mere Ghar Ram Aaye Hain Lyrics in Hindi (Jubin Nautiyal)
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॥ जय श्री राम ॥
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं
कथा शबरी की जैसे
जुड़ गयी मेरी कहानी से
ना रोको आज धोने दो चरण
आँखों के पानी से
बहोत खुश हैं मेरे आंसू
के प्रभु के काम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
तुमको पा के क्या पाया है
सृष्टि के कण कण से पूछो
तुमको खोने का दुःख क्या है
कौसल्या के मन से पूछो
द्वार मेरे ये अभागे
आज इनके भाग जागे
बड़ी लम्बी इन्तेज़ारी हुई
रघुवर तुम्हारी तब
आयी है सवारी
संदेशे आज खुशियों के
हमारे नाम आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
दर्शन पा के हे अवतारी
धनि हुए हैं नैन पुजारी
जीवन नइयाँ तुमने तारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
निर्धन का तुम धन हो राघव
तुम ही रामयण हो राघव
सब दुःख हरना अवध बिहारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
चरण की धुल ले लूँ मैं
मेरे भगवन आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं ||
विशेष:- प्रभु श्री राम की भक्ति में सराबोर यह भजन 'मेरे घर राम आये हैं' वर्तमान समय के सबसे लोकप्रिय भजनों में से एक है। जुबिन नौटियाल की मधुर आवाज़ में गाए गए इस भजन में माता शबरी की प्रतीक्षा और श्रद्धा का जीवंत वर्णन मिलता है। यह भजन हमें सिखाता है कि जिस प्रकार शबरी ने वर्षों तक विश्वास के साथ प्रतीक्षा की, उसी प्रकार यदि सच्चे मन से पुकारा जाए तो प्रभु स्वयं भक्त के द्वार आते हैं। इसमें माता कौशल्या के प्रेम और 'मंगल भवन अमंगल हारी' जैसी चौपाइयों का सुंदर मिश्रण है। दिवाली, राम मंदिर उत्सव या किसी भी मांगलिक अवसर पर इस भजन का गायन घर में अयोध्या जैसा दिव्य वातावरण निर्मित कर देता है।
॥ इति ॥
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