मेरी अंखियों के सामने ही रहना ओ शेरों वाली जगदम्बे लिरिक्स | Meri Ankhiyon Ke Samne Hi Rehna Lyrics | Lakhveer Singh Lakha || Mata Bhajan ||
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॥ जय श्री राम ॥
मेरी अंखियों के सामने ही रहना
ओ शेरों वाली जगदम्बे ||
हम तो चाकर मैया
तेरे दरबार के
हो भूखे हैं हम तो मैया
हो भूखे हैं हम तो मैया
बस तेरे प्यार के
मेरी अंखियों के सामने |
विनती हमारी भी
अब करो मंज़ूर माँ
हो चरणों से हमको कभी
चरणों से हमको कभी
करना ना दूर माँ
मेरी अंखियों के सामने |
मुझे जान के अपना बालक
सब भूल तू मेरी भुला देना
ओ शेरों वाली जगदम्बे
ओ शेरों वाली जगदम्बे
आँचल में मुझे छिपा लेना
मेरी अंखियों के सामने...
तुम हो शिव जी की शक्ति
मैया शेरों वाली
तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया
तुम हो काली
बन के अमृत की
हो बनके अमृत की धार सदा बहना
ओ शेरों वाली जगदम्बे
मेरी अंखियों के सामने |
तेरे बालक को तभी माँ सबर आए
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये
हो जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये
मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना
ओ शेरों वाली जगदम्बे
मेरी अंखियों के सामने ||
विशेष :- यह भजन माँ दुर्गा के प्रति पूर्ण समर्पण और वात्सल्य प्रेम को दर्शाता है। इसमें भक्त खुद को माँ का एक छोटा बालक मानकर अपनी गलतियों के लिए क्षमा माँगता है और माँ से केवल उनके दर्शन और प्यार की अभिलाषा रखता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जागरण के समय भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
॥ इति ॥
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