Ram Ji Se Puche Janakpur Ki Nari Lyrics in Hindi | राम जी से पूछे जनकपुर की नारी | Rajan Ji Maharaj |

पीछे जाएँ ॥ जय श्री राम ॥

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राम जी से पूछे जनकपुर की नारी

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी, एक भाई गोर काहे एक काहे कारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ इ बूढ़ा बाबा के पक्कल पक्कल दाढ़ी, देखन में पातर खाये भर थारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ राजा दशरथ जी कइलन होशियारी, एकता मरद पर तीन तीन जो नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ कहथिन सनेह लता मन में बिचारिन, हम सब लगैछी पाहून सर्वो खुशहाली, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ राम जी से पूछे जनकपुर की नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ विशेष:- गीत में एक बहुत प्यारा सवाल है—"एक भाई गोर काहे एक काहे कारी"। राम जी सांवले (श्याम वर्ण) हैं और लक्ष्मण जी गोरे (गौर वर्ण) हैं। जनकपुर की नारियां इस भिन्नता पर चुटकी ले रही हैं, जो भक्तों के मन में दोनों भाइयों की छवि को और भी सुंदर बना देती है। 
॥ इति ॥

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