मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की। संतोषी माता आरती लिरिक्स हिंदी में | Santoshi Mata Aarti Lyrics in Hindi (Main To Aarti Utaru)
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॥ जय श्री राम ॥
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।
जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥
जय जय संतोषी माता जय जय माँ
जय जय संतोषी माता जय जय माँ
बड़ी ममता है बड़ा प्यार माँ की आँखों मे।
माँ की आँखों मे।
बड़ी करुणा माया दुलार माँ की आँखों मे।
माँ की आँखों मे।
क्यूँ ना देखूँ मैं बारम्बार माँ की आँखों मे।
माँ की आँखों मे।
दिखे हर घड़ी नया चमत्कार आँखों मे।
माँ की आँखों मे।
नृत्य करो झूम झूम, छम छमा छम झूम झूम,
झांकी निहारो रे॥
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥
जय जय संतोषी माता जय जय माँ
जय जय संतोषी माता जय जय माँ
सदा होती है जय जय कार माँ के मंदिर मे।
माँ के मंदिर मे।
नित्त झांझर की होवे झंकार माँ के मंदिर मे।
माँ के मंदिर मे।
सदा मंजीरे करते पुकार माँ के मंदिर मे।
माँ के मंदिर मे।
वरदान के भरे हैं भंडार, माँ के मंदिर मे।
माँ के मंदिर मे।
दीप धरो धूप करूँ, प्रेम सहित भक्ति करूँ,
जीवन सुधारो रे॥
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥
जय जय संतोषी माता जय जय माँ
जय जय संतोषी माता जय जय माँ ||
विशेष:- संतोषी माता की यह अत्यंत प्रिय और मधुर आरती माँ के वात्सल्य, करुणा और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करती है, जिसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भक्तों के जीवन में संतोष, धैर्य और अपार सुख की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से शुक्रवार के वैभव लक्ष्मी या संतोषी माता के व्रत के दिन इस आरती को गाने से घर में बरकत आती है, दरिद्रता का नाश होता है और माता के आशीर्वाद से जीवन के सभी अभाव दूर होकर भंडार भर जाते हैं। इस आरती की हर पंक्ति माँ की ममता और उनके मंदिर में होने वाली भक्तिमय झंकार को दर्शाती है, जिसे प्रेम सहित दीप और धूप अर्पण कर गाने से मनुष्य का जीवन सुधर जाता है और उसे हर घड़ी माता के नए चमत्कार देखने को मिलते हैं।
॥ इति ॥
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