सुन लो दुनिया वालों मेरी जिससे यारी है लिरिक्स - कुंज बिहारी दास जी | Sunlo Duniya Walo Lyrics - Kunj Bihari Das Ji
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॥ जय श्री राम ॥
दोहा :- एक सखी घर सो निकसि, पहुंची कान्हा की ओर |
गई थी कछु और ही और लौटी है कछु और |1|
तेरी एक नज़र ने जाने क्या क्या काम कर दिए |
जो बदनाम थे दुनिया में उनके भी नाम कर दिए |2|
-:भजन :-
सुनलो दुनिया वालों, मेरी जिससे यारी है |
जिसने मेरा दिल लूँटा, वो तो बांके बिहारी है ||
जब एक नज़र भरकर मैंने उनकी तरफ देखा,
नैनो से मिला नैना, मारी दिल पर कटारी है |
सुनलो दुनिया वालों..............
क्या बात करूँ उसकी क्या दिल में गुजरी है,
अब ये दिल भी तुम्हारा है, ये जान भी तुम्हारी है |
सुनलो दुनिया वालों..............
विशेष:- ब्रज के अनन्य भक्त और सुप्रसिद्ध भजन गायक कुंज बिहारी दास जी (Kunj Bihari Das Ji) की आवाज़ में यह भजन 'सुन लो दुनिया वालों मेरी जिससे यारी है' सीधा बांके बिहारी के चरणों से जोड़ देता है। इस भजन की विशेषता इसके सरल शब्द और गहरा भाव है, जो कुंज बिहारी दास जी की गायकी में और भी दिव्य हो जाता है। इसमें भक्त की उस स्थिति का वर्णन है जब वह बिहारी जी की एक नज़र का शिकार हो जाता है और अपना सब कुछ उन पर न्योछावर कर देता है। कुंज बिहारी दास जी के प्रशंसक इस भजन को बहुत पसंद करते हैं, और यह वृंदावन के लगभग हर संकीर्तन का हिस्सा होता है।
॥ इति ॥
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